दौर-ए-मोहब्बत(Daur-e-mohabbat)
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ये दौर-ए-मोहब्बत भी
तेरी वजह देखता है,
हम...इतने भी बुरे नहीं
के सजा देता है!!
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ये तेरी सदा भी
जो हर वक्त देखता है,
है...तेरा ही असर
जो दग़ा देता है!!
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ये तेरी ही फिराक भी
जो इंतजार देखता है,
है...तेरी ही उम्मीद
जो रजा देखता है!!
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ये तेरी ही फितरत
जो हुस्न देखता है,
है...तूझमे मसरूफ़ इतने
जो नश़ा देखता है!!
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ये दौर-ए-मोहब्बत भी
तेरी वजह देखता है,
हम...इतने भी बुरे नहीं
के सजा देता है!!
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...v!p...
