April 29, 2020

कुछ दोस्त मेरे भी रहे (friends forever shayari)

कुछ दोस्त मेरे भी रहे (friends forever shayari)
...
ये इक रोज़ की बात रही
कि दोस्त मेरे भी रहे,
कुछ अपनाए से लगे
कुछ पराये से रहे!!
...
आलम ऐसा ही रहा
के हम खुद में मदहोश लगे,
कुछ रोज़ होश में वो रहे
कुछ रोज़ होश में हम रहे !!
...
साथ उनका ही रहा
ऐसा के जैसे तिनका रहे,
कुछ रोज़ डूबे वो रहे
कुछ रोज़ डूबे हम रहे!!
...
हर कोई कहता ही रहा
दोस्ती इक दूजे से रहे,
कुछ बिखरने वो लगे
कुछ बिखरने हम लगे!!
...
वो दस्तूर भी अपना रहा
के दल में चलते सब रहे,
कुछ रोज़ बुलाते वो रहे
कुछ रोज़ बुलाते हम रहे!!
...
वक्त साथ ही रहा...जो
रुख सबका बतला रहा,
कुछ अब भी साथ देते रहे
कुछ अब भी दूर होते रहे!!
...
ये इक रोज़ की बात रही
कि दोस्त मेरे भी रहे,
कुछ अपनाए से लगे
कुछ पराये से ही रहे!!
...
...v!p...
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