May 10, 2020

Mother's day special(माँ)

Mother's day special(माँ)

Mother's day special(माँ)

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मैं बयाँ तुमसे न कर सकूँ
माँ तू मेरी बे नज़ीर सी
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ये दुनिया मेरी तुमसे है
तू मेरी पहली अज़ीज़ भी
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रहा सुकून से तेरे आंचल में
तू मेरी ही शौक-ए-तमन्ना सी
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मुझे तेरी उंगलियों का सहारा
तू मेरे पहले कदमों की शुरुआत भी
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मेरे इशारे सिर्फ तू ही समझे
तू मेरी पहली इबारत सी
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मेरी ख़ता का तू ख़याल भी
तू मेरी ही पहली आब भी
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वो खिलौनों की ख़्वाहिश मेरी
तू मेरी पहली गुज़ारिश सी
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वो ज़ख्म़ पर ज़ार होना मेरा
तू मेरी ही पहली मरहम भी
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तू ही ख़ाना मेरे क़ल्ब का
तू मेरी पहली नदीम सी
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मैं बे अक़्ल सा इब्न तेरा
तू मेरी ही पहली नूर भी
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...v!p...
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शब्दों का अर्थ
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बे नज़ीर - जिसके कोई बराबर का न हो
अज़ीज़ - प्रिय, आदरणीय
इबारत - बोली भाषा
ख़ता - गलती, लापरवाही
ख़याल - देखभाल
आब - चमक, तलवार की धार
ख़्वाहिश - इच्छा, मांग
गुज़ारिश - प्रार्थना
मरहम - घाव पर लगाने का लेप, दवा
ख़ाना - हिस्सा,घर
क़ल्ब - दिल, मन
नदीम - घनिष्ठ मित्र
बे अक़्ल - नादान सा
इब्न - पुत्र, बेटा
नूर - प्रकाश
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