रक्षाबंधन
मैं तेरी राखी का इंतजार करता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
आज सबसे तेरी बात करता हूँ
मैं हर दिन तुमको याद करता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
दूर होने से भी क्या होता है
मैं बताऊँ...
क़ल्ब में हो ज़िक्र भी तो तुमसे मिल आता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
कभी दिन गुजर जाते है बिन देखे तुमसे बतियाए
नाराज़ हों एकदूजे से भी तो क्या
लड़ते ही तुमसे सब भूल जाता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
यूँ तो ज़माना कहता है ख़याल रखना होगा तेरा
ख़याल तुमने ही रखा है मेरा कि मैं तो छोटा हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
छोटा हूँ तो हर बात पर तुमसे इतराता हूँ
रुठने का हक तुमको है तो मैं मनाता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
दूर जाए भी तू मुझसे तो सिक्के देजाती
अब तुमको कैसे बोलूं बस थाम लेता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
चाहता ही नहीं दूर जाय मुझसे तू कभी
पर हर वक़्त बदलता है मैं भी जनता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
पराया था जो घर आज हमारा अपना है
अब साथ में तुमको वहाँ लेकर जाता हूँ
मैं ही जानू तुमसे कितना प्यार करता हूँ
...v!p...
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